🎃 THE FOREST MOTHER
(Muma Pădurii की कथा)
भाग 1 — जंगल की छाया
(लेखक – Captain Reax)
अध्याय 1: रोमानिया के काले जंगल
वर्ष था 1893।
रोमानिया के उत्तरी हिस्से में फैला एक विशाल, रहस्यमय जंगल —
“Hoia-Baciu Forest।”
लोग उसे फुसफुसाते हुए “शापित जंगल” कहते थे।
कहते हैं, वहाँ सूरज कभी पूरी तरह नहीं उगता।
पेड़ इतने टेढ़े-मेढ़े थे कि जैसे किसी दैत्य की उंगलियाँ हों।
और जब रात गहराती, तो ऐसा लगता जैसे खुद जंगल सांस ले रहा हो।
पास के गाँव Sibiu के लोग मानते थे कि उस जंगल में एक औरत रहती है —
बहुत बूढ़ी, झुकी हुई, जिसकी आँखें पीली आग जैसी चमकती थीं।
वह जंगल की आत्मा थी,
लोग उसे कहते थे — “Muma Pădurii”, यानी The Forest Mother।
अध्याय 2: शाप का आरंभ
बहुत समय पहले, जब यह भूमि अब भी पवित्र थी,
वहीं एक औरत रहती थी — Elena Drăghici।
वह वनवैद्य थी, जंगल की जड़ी-बूटियों से इलाज करती थी।
लोग उसे “जंगल की बेटी” कहते थे।
फिर एक दिन, गाँव में महामारी फैली।
कई बच्चों की मौत हो गई।
डरे हुए गाँववालों ने पादरी की बात मानी —
उसने कहा, “यह Elena की काली जादूगरी का नतीजा है।”
और फिर, बिना कुछ सोचे, उन्होंने उसके घर को आग लगा दी।
जलती हुई Elena चीखी —
“तुम्हारे बच्चे मेरी आग में जलेंगे!
तुम्हारे नाम मिट जाएंगे!
मैं इस जंगल की आत्मा बनूँगी — और तुम कभी शांति नहीं पाओगे!”
उसकी चीखों के साथ ही आसमान लाल हो गया,
पेड़ झुक गए, और हवा राख से भर गई।
उस रात के बाद, जंगल हमेशा के लिए बदल गया।
अध्याय 3: शताब्दियों का सन्नाटा
साल बीतते गए।
लोगों ने उस घटना को एक लोककथा मान लिया,
पर हर पचास साल में कोई न कोई उस जंगल में गायब हो जाता।
कभी लकड़हारा, कभी शिकारी, कभी बच्चा।
गाँववाले कहते,
“वो Muma Pădurii का मौसम है —
जब हवा में धुंध उतरती है और पेड़ फुसफुसाने लगते हैं।”
लोग अपने घरों के दरवाज़ों पर
लहसुन की मालाएँ और लकड़ी के क्रॉस टांगते,
क्योंकि वे जानते थे — अगर वो आई, तो कोई न कोई साथ ले जाएगी।
अध्याय 4: अंधेरे की पुकार
सर्दी का मौसम था।
गाँव में एक नौजवान आया — Arin Velescu,
एक खोजी और वैज्ञानिक।
वह लोककथाओं में छिपे सच्चे रहस्यों को उजागर करना चाहता था।
उसने गाँववालों से पूछा,
“क्या किसी ने उसे देखा है?”
एक बूढ़ी औरत ने थरथराती आवाज़ में कहा,
“हाँ… मैंने देखा था जब मैं बच्ची थी।
वो आई थी — काई से ढकी, पेड़ों की जड़ों जैसी उंगलियाँ,
और हवा में गूंजती उसकी आवाज़ —
‘मेरा जंगल मत छूना…’”
Arin हँस पड़ा,
“यह सब कल्पना है।”
लेकिन उसी रात, जब वह जंगल में गया,
उसने किसी को अपना नाम लेते सुना —
“Arin…”
वह मुड़ा — वहाँ कोई नहीं था।
सिर्फ धुंध, ठंडी हवा और पेड़ों की सरसराहट।
अध्याय 5: जड़ें जो सांस लेती थीं
Arin ने अपने कैंप के पास खुदाई शुरू की।
वह किसी पुराने ढांचे की खोज में था।
पर थोड़ी देर में उसने देखा — मिट्टी खुद हिल रही है।
धीरे-धीरे, ज़मीन फटी,
और नीचे से काली बेलें और जड़ें निकलने लगीं।
वो हल्के-हल्के धड़क रही थीं, जैसे ज़िंदा हों।
हवा में एक सड़ी हुई गंध फैली —
और मिट्टी के बीच से एक कंकालनुमा चेहरा झाँकता दिखाई दिया।
आँखें खुली हुईं — सीधी Arin की ओर देखतीं।
वह पीछे हट गया,
पर तभी पीछे से किसी ने कहा —
“मैंने कहा था… मेरा जंगल मत छूना…”
अध्याय 6: पहला शिकार
सुबह, गाँववालों को Arin का तंबू खाली मिला।
बस उसकी डायरी वहाँ पड़ी थी।
उसमें लिखा था —
“वह सचमुच ज़िंदा है… हर पत्ती, हर जड़ में…
वो मुझे देख रही थी…”
उस दिन के बाद, जंगल से एक नई गंध आने लगी —
सड़ी हुई लकड़ी और इंसानी खून की मिली-जुली।
और जब हवा बहती, तो पेड़ फुसफुसाते —
“Elena… Elena…”
अध्याय 7: जंगल की आँखें
रात को गाँव के कुछ लोग मशाल लेकर जंगल के किनारे पहुँचे।
पेड़ों पर जले हुए हाथों के निशान थे —
जैसे किसी ने आग से चेतावनी छोड़ी हो।
फिर, हवा में बच्चों की हँसी सुनाई दी।
धीरे-धीरे वह हँसी चीख में बदल गई।
और तब उन्होंने उसे देखा —
Muma Pădurii।
वह झुकी हुई थी, लेकिन इंसान से कहीं ऊँची।
उसके बाल बेलों जैसे थे,
आँखें पीली आग से जलती हुईं।
वह धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थी,
और पेड़ उसके साथ झुक रहे थे — जैसे उसकी आराधना कर रहे हों।
अध्याय 8: शाप की गूंज
उस रात गाँव में आग लग गई।
किसी ने नहीं देखा कि किसने लगाई।
सुबह जब राख ठंडी हुई,
हर दीवार पर एक ही शब्द लिखा था — “Elena”
और हर घर में एक ही आवाज़ गूंज रही थी —
“तुमने मुझे जलाया था…
अब तुम्हारे बच्चे मेरी जड़ें सींचेंगे…”
अध्याय 9: भय का विस्तार
गाँववाले डर से भागने लगे।
मवेशी मर रहे थे, कुओं का पानी काला पड़ गया था।
जो भी जंगल के पास गया — कभी वापस नहीं लौटा।
बूढ़े पादरी ने कहा,
“वह अब सिर्फ आत्मा नहीं…
वह एक जीवित शक्ति बन चुकी है।”
कहा गया कि उसने जंगल की हर जड़ में अपनी आत्मा बाँट दी है।
जो कोई भी पेड़ काटेगा,
वह आत्मा उसके शरीर में उतर जाएगी।
अध्याय 10: जंगल की दहलीज़
गाँव की आखिरी महिला — Mara,
जो Arin की प्रेमिका थी,
उसने ठान लिया कि वह Elena की आत्मा को शांत करेगी।
रात में, वह अकेली जंगल में गई।
हाथ में दीपक और लकड़ी की क्रॉस लिए।
धुंध गहरी थी।
पेड़ों के बीच उसे एक पुराना लकड़ी का घर दिखाई दिया —
दीवारों पर लटकती खोपड़ियाँ,
दरवाज़े पर बच्चों के खिलौने,
और हवा में गूंजती फुसफुसाहटें।
वह अंदर गई।
दीवारों पर हरे रंग से लिखा था — “The Forest Mother.”
घर के बीचोंबीच एक पत्थर की वेदी थी,
जिस पर रखा था एक जलता हुआ दिल।
Mara के होंठ काँपे —
“Elena… मैं माफ़ी माँगने आई हूँ…”
दीपक बुझ गया।
और अंधेरे में, पीछे से किसी ने कहा —
“बहुत देर हो गई है, बेटी…”
🔥 भाग 1 समाप्त।
अगले भाग में —
“Rise of the Forest Mother”
जहाँ Muma Pădurii फिर से जन्म लेती है,
और जंगल खुद इंसानों से बदला लेने उठ खड़ा होता है।
🎃 THE FOREST MOTHER – PART 2
Rise of the Forest Mother
(लेखक – Captain Reax)
अध्याय 1: जंगल की दहलीज़
सर्दियों की रात में Hoia-Baciu Forest अब और भी घनी और खौफनाक हो चुकी थी।
पेड़ों की जड़ों में धूल और सड़ी पत्तियाँ गहरी थीं, और हर हवा की सरसराहट में मानो कोई बड़बड़ाता हो —
“तुमने मुझसे खिलवाड़ किया… अब तुम्हारा अंत होगा…”
गाँव में हर घर से अजीब ध्वनियाँ आती थीं।
दीवारों के अंदर, पुराने फर्शों के नीचे, जड़ें धीरे-धीरे हिल रही थीं।
हर जीव, हर पक्षी, हर कीट — जंगल की आंख बन गया था।
और उस गहरी धुंध में… एक रूप दिखाई दिया।
Muma Pădurii।
वह अब पहले जैसी बूढ़ी और झुकी हुई महिला नहीं थी।
उसका शरीर लकड़ी, हड्डियों और मांस का मिश्रण था।
बाल काई और बेलों की तरह उलझे हुए थे, आँखों में हरी अग्नि जल रही थी।
उसकी हर सांस के साथ पेड़ झुकते, जड़ें हिलती, और हवा सिहरती थी।
अध्याय 2: Mara का रहस्य
Mara, जो पहले भाग में अकेली जंगल में गई थी, अब गाँव लौट आई।
पर उसकी आँखों में पहले जैसी चमक नहीं थी।
वह इंसान नहीं रही थी।
उसके भीतर अब Forest Mother की शक्ति बस चुकी थी।
उसका चेहरा दिन में सामान्य दिखाई देता, लेकिन रात में, उसकी त्वचा फटती और जड़ें बाहर निकल आतीं।
हवा में उसकी फुसफुसाहट गूँजती —
“हर पत्ता, हर जड़… तुम्हारे पापों की गवाही देगा…”
Elena ने देखा कि Mara के भीतर Forest Mother का अवतार जीवित था।
“यह सिर्फ आत्मा नहीं है… यह शक्ति है… और उसने उसे Vessel बना लिया है।”
Elena का दिल थम गया।
अध्याय 3: जंगल का जागरण
जंगल अब बस जंगल नहीं रहा था।
वह जीवित, सोचने और मारने वाला बन गया।
गाँव के चारों ओर पेड़ बढ़ने लगे,
रात के अंधेरे में घरों में जड़ें घुसतीं।
किसी ने देखा — कुओँ के पानी में मछली की जगह इंसानी हड्डियाँ तैर रही थीं।
बच्चों की हँसी अब चीख़ों में बदल चुकी थी।
और जो भी पेड़ काटने की कोशिश करता —
वह पेड़ उसे अपनी जड़ों में समेट लेता।
अध्याय 4: Elena की वापसी
Elena अब अकेली जंगल में थी।
उसने Mara और जंगल को देखा।
वह समझ गई — यदि Forest Mother को शांत नहीं किया गया, तो पूरा गाँव और आसपास की दुनिया नष्ट हो जाएगी।
वह दीपक और लकड़ी की क्रॉस लेकर जंगल की गहरी पगडंडी पर चली।
हर कदम पर, पेड़ उसके रास्ते को बदल देते, जड़ें हवा में फैलतीं, और धूल और राख उसकी साँसों में घुलती।
जंगल के बीचोंबीच, Elena ने देखा —
एक विशाल वेदी, जड़ों और हड्डियों से बनी।
उसके ऊपर Mara खड़ी थी, लेकिन आधी इंसान, आधी Forest Mother की शक्ति से बनी।
Mara की आँखों से हरी आग निकल रही थी,
और उसकी फुसफुसाहट गूँज रही थी —
“Elena… तुम देर कर रही हो…”
अध्याय 5: अंतिम सामना
Elena ने अपनी क्रॉस उठाई और बोली —
“Mara… मैं जानती हूँ तुम अब Forest Mother की शक्ति हो… पर इंसानियत अभी भी भीतर है।
मैं तुम्हें इस पाप से मुक्त कर सकती हूँ।”
Mara ने मुँह खोला —
“वह शक्ति अब मेरी है… और मैं इसे छोड़ूंगी नहीं।
यह जंगल अब मेरे आदेश में है।”
जड़ें हिलने लगीं, पेड़ अपने आप उठने लगे।
Elena ने दीपक जलाया, और जड़ों की जकड़न में आग फैल गई।
हर पेड़ चीखा, जड़ें फट गईं, और Mara की हरी आग मद्धम पड़ गई।
पर Forest Mother पूरी तरह नहीं मरी थी।
उसने Elena के भीतर झाँककर कहा —
“तुम मेरी संतान हो… और अब तुम Forest Mother बनोगी…”
अध्याय 6: बलिदान
Elena ने अपनी आखिरी शक्ति जुटाई।
उसने खुद को Forest Mother के बीच वेदी पर रखा।
उसकी आत्मा और Forest Mother की शक्ति एक हो गई।
Mara धीरे-धीरे इंसान बन गई, उसकी आँखों में हरी आग बुझ गई।
जंगल शांत हुआ, पर पूरी तरह नहीं।
Elena Forest Mother बन चुकी थी —
अब जंगल की रक्षक और प्रतिशोध की देवी दोनों थी।
अध्याय 7: जंगल की नई सत्ता
सूरज उगा, पर Hoia-Baciu Forest अब वही शांत जगह नहीं रही।
Elena के भीतर Forest Mother की शक्ति थी।
हर पत्ता, हर जड़ उसकी नजर रखती थी।
गाँववालों ने महसूस किया —
“जंगल अब जीवित है… और यह कभी समाप्त नहीं होगा।”
Mara ने Elena को देखा और फुसफुसाई —
“अब मैं इंसान हूँ… पर यह शक्ति हमेशा हमारे साथ रहेगी।”
और हवा में वही गूँजती आवाज़ —
“Forest Mother will never rest…
And those who dare… will become roots of the forest…”
🔥 भाग 2 समाप्त।
अब कहानी पूरी तरह समाप्त हुई।
Muma Pădurii केवल आत्मा नहीं —
वह जाग्रत, दैवीय प्राणी बन चुकी है।
जंगल ने इंसानों से बदला ले लिया और अपनी सत्ता स्थापित कर दी।
Elena अब Forest Mother है, और Mara उसका मानव पक्ष।
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