द डेमन वर्ल्ड — भाग 1
“ज़िंदा आदमी”
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| Morris enters the demon world during the Blood Moon to save his dying wife in this terrifying supernatural horror story. |
रात के ठीक 2 बज रहे थे।
पूरा शहर अंधेरे में डूबा हुआ था।
सिर्फ ठंडी हवा की आवाज़ थी… और दूर कहीं भेड़ियों जैसी चीखें।
पुराने यूरोपीय शहर ब्लैकहोलो के बाहरी इलाके में रहने वाला मॉरिस अपने घर की बालकनी में बैठा आसमान देख रहा था। उसकी आँखों में कई रातों की जागी हुई थकान थी।
क्योंकि पिछले तीन महीनों से उसकी पत्नी मोइना एक रहस्यमयी बीमारी से जूझ रही थी।
डॉक्टर… चर्च… दवाइयाँ… सब बेकार हो चुके थे। शरीर तो शरीर उसका दिल दिमाग सभी थक चुका था कि आगे वो क्या करें
उसकी 8 साल की बेटी एलिया हर रात अपनी माँ का हाथ पकड़कर रोती थी। और हर बार अपने डैड से बस एक सवाल
पूछती थी
“डैड… मॉम मर तो नहीं जाएँगी ना…?” मॉम कब तक ठीक हो जाएंगी
मॉरिस हर बार झूठ बोल देता। और कहता था
“कुछ नहीं होगा…” तुम्हारी मॉम को वो बस थोड़ी सी थकी हुई है उसे आराम करने की जरूरत है जैसे ही वो ठीक से सोने
लगेगी वैसे ही तुम्हारी मॉम ठीक हो जाएंगी
लेकिन उसे पता था—
मोइना धीरे-धीरे मौत के करीब जा रही थी। आज नहीं तो कल वो इस दुनियां को छोड़ने बाली है इसी ख्यालात में वो डूबा रहता था
उसी रात अचानक उसके फोन पर एक अनजान कॉल आया।
स्क्रीन पर सिर्फ इतना लिखा था—
“Last Chance…”
Morris receives a terrifying midnight call that leads him toward the cursed demon world.

वो पहले से इतना दुखी था इस नाम को पढ़कर वो और भी ज्यादा दुखी हो गया। मॉरिस का गला सूख गया। उसे ऐसी सर्द रातों में पसीने आने लगे थे।
उसने काँपते हाथों से कॉल उठाया।
दूसरी तरफ एक बूढ़े आदमी की भारी आवाज़ थी। और उसने कॉल करके मॉरिस से कहा
“अगर अपनी पत्नी को बचाना चाहता है…
तो कल रात 1 बजे ब्लैक चर्च में आ जाना…”
मॉरिस सन्न रह गया।
“क… कौन हो तुम?” कहा से बोल रहे हो तुम्हे मेरा नाम और मेरे घरवालों का ये पता किसने दिया कुछ तो जवाब दो।
कुछ सेकंड खामोशी रही।
फिर आवाज़ आई—
“मौत के दरवाज़े पर खड़ा इंसान सवाल नहीं करता…” इतना कहकर
कॉल कट गई।
उसी पल…
ऊपर कमरे से मोइना की भयानक चीख सुनाई दी।
मॉरिस भागता हुआ अंदर पहुँचा।
मोइना बिस्तर पर बैठी थी… लेकिन उसकी आँखें पूरी सफेद हो चुकी थीं। जैसे कि उसके अंदर कोई हैवान उसके अंदर
बस गया हो।
वो किसी और आवाज़ में बोल रही थी।
“मत जाना…
वहाँ ज़िंदा लोग वापस नहीं आते…”
इतना कहकर अचानक उसका शरीर जोर-जोर से काँपने लगा।
ये देखकर एलिया डरकर रोने लगी।
मॉरिस ने मोइना को कसकर पकड़ लिया। और अपनी बेटी से कहने लगा एलिया बेटा कुछ नहीं हुआ है तुम्हारी मॉम को वो ठीक है बस उसे ठंड लग रही है एलिया बेटा मैंने आप से कहा था ना जब भी तुम ऐसा कुछ भी देखो तो तुम आंखे बंद करके
बस वो poem सुनाना जो तुम्हारी मॉम तुम्हे सुनाती है। और कुछ भी मत सुनना चाहे वो किसी की चीखें ही क्यू ना हो।
कुछ सेकंड बाद वो बेहोश होकर बिस्तर पर गिर गई।
कमरे में अचानक सन्नाटा छा गया।
लेकिन तभी…
कमरे के कोने में रखा पुराना आईना अपने आप चटक गया।
उसमें एक पल के लिए किसी काले चेहरे की परछाईं दिखाई दी।
लंबे दाँत…जो किसी के मांस में लिपटे हुए हो
खून से भरी आँखें…
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| Moina’s mysterious illness turns into something far more horrifying than anyone imagined. |
और फिर सब गायब।
उस रात मॉरिस ठीक से सो नहीं पाया। रात भर उसके मन में सवाल चल रहे थे। अब वो क्या करें जिससे उसकी पत्नी जल्द से जल्द ठीक हो जाए। और जो कुछ भी आज हुआ वो किसी बीमारी के कारण नहीं हुआ इसलिए
सुबह होते ही वो शहर के सबसे बूढ़े आदमी फादर रेमन के पास उनसे मिलने गया।
जब उसने ब्लैक चर्च वाली बात बताई…
तो फादर रेमन का चेहरा पीला पड़ गया।
उन्होंने काँपते हुए कहा—
“तूने वो कॉल उठा ली…?”लेकिन क्यू उठाई वो कॉल
तुम्हे पता भी है वो कॉल जिसके पास भी गई है वो लोग आज जिंदा नहीं है उनके शरीर तो मिले लेकिन उसमें आत्मा नहीं
थी वो बस जिंदा लाश थी।
फिर मॉरिस ने कहा कल रात मोइना कुछ अजीब तरह की हरकत कर रही थी। फादर ने कहा कैसे। मॉरिस ने रात में होने वाली घटना को बताया
यह सुनकर फादर पीछे हट गए।
“अब बहुत देर हो चुकी है…”इसमें में तुम्हारी मदद नहीं कर सकता मुझे माफ करना मेरे बच्चे
मॉरिस चिल्लाया—
“मुझे सच बताइए!” आखिरकार ये माजरा क्या है आप तो इनसे भी बड़े से बड़े भूत प्रेतों को भगा देते हैं फिर इसे
क्यों नहीं
फादर रेमन ने धीमे स्वर में कहा—
“उस चर्च के नीचे एक दरवाज़ा है…
जो इंसानों की दुनिया को शैतानों की दुनिया से जोड़ता है…”
मॉरिस हँस पड़ा।
“ये सब कहानियाँ हैं!”
फादर की आँखें गुस्से से लाल हो गईं।
“कहानियाँ नहीं हैं!
27 साल पहले मेरा बेटा भी वहाँ गया था…”
मॉरिस ने कहा “फिर?”
फादर की आँखों से आँसू निकल पड़े।
“वो वापस तो आया था…
लेकिन अकेला नहीं…”
मॉरिस चुप हो गया।
“मतलब?”
फादर फुसफुसाए—
“उसके अंदर कुछ और भी वापस आ गया था…” कुछ ऐसा जो किसी भी आम इंसान के बस की बात नहीं है
कमरे का तापमान अचानक ठंडा हो गया।
फादर रेमन ने तुरंत दरवाज़ा बंद कर दिया।
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| A terrifying demonic reflection appears inside the cracked mirror during the cursed night. |
फिर उन्होंने एक पुरानी लकड़ी की पेटी निकाली।
उसमें एक जला हुआ क्रॉस, कुछ राख और काला धागा था।
उन्होंने वो मॉरिस को देते हुए कहा—
“अगर वहाँ जाना ही है…
तो याद रखना…”
“शैतानों की दुनिया में इंसान का शरीर नहीं…
उसकी आत्मा देखी जाती है…”
“और अगर उन्होंने पहचान लिया कि तू ज़िंदा है…”
“तो वो तुझे कभी वापस नहीं आने देंगे…”
मॉरिस का गला सूख गया।
“लेकिन मैं वहाँ जाऊँगा कैसे?” और वहां मेरा काम क्या है मुझे क्या करना पड़ेगा जिससे मेरी पत्नी जल्द से जल्द ठीक हो जाए
फादर कुछ सेकंड चुप रहे।
फिर बोले—
“ब्लड मून की रात…
चर्च के नीचे का दरवाज़ा खुलता है…”
“लेकिन याद रखना…”
“अगर सूरज निकलने से पहले वापस नहीं आया…”
“तो तेरी आत्मा हमेशा के लिए वहीं कैद हो जाएगी…” और तेरी जितनी भी आत्मा की योनियां है वह जन्म जन्म तक उस नर्क की आग में घूमती रहेंगी। जब तक इस दुनिया से शैतानों का नामो निशान गायब नहीं
हो जाता। ब्लड मून आज से 3 दिन बाद है मै अपनी तैयारी में लगा हुआ हूं मुझे नहीं पता क्या क्या समानों की
मुझे जरूरत पड़ने वाली है मै हर वो सामान आपने साथ लेकर जाऊंगा जिससे मैं वहां जिंदा रह सकूं।
सभी तैयारी पूरी हो चुकी है आज वो दिन आ गया है जिसका मुझे बेसब्री से इंतजार था
उस रात…
ब्लड मून आसमान में चमक रहा था।
पूरा शहर लाल रोशनी में डूबा हुआ था।
मॉरिस हाथ में लालटेन लेकर ब्लैक चर्च की तरफ बढ़ रहा था। उसे डर लग रहा था अंदर ही अंदर लेकिन जब
भी वो अपनी बेटी का रोता हुआ चेहरा उसे याद आता है उसको एक नई ऊर्जा मिलती है जब वो चर्च के पास पहुंचता है
वो देखता है
वो चर्च सदियों पुराना था।
टूटी हुई दीवारें… जिसमें शायद सालों से कोई आया हो
जले हुए दरवाज़े…
और हर तरफ सड़ांध।
जैसे वहाँ इंसानों का नहीं…
लाशों का बसेरा हो। मै धीरे धीरे चर्च के अंदर बढ़ता जा रहा था।
अचानक चर्च के अंदर से बच्चों के हँसने की आवाज़ आई। आवाज को सुनकर
मॉरिस रुक गया। जिस तरफ से आवाज आ रही थी
उसने धीरे से दरवाज़ा खोला।
अंदर पूरा अंधेरा था। बस कुछ ही चीजें साफ दिख रही थी।
लेकिन फर्श पर…
खून से एक विशाल गोल निशान बना हुआ था।
उसके बीच में एक औरत उल्टी लटकी हुई थी। जैसे कि किसी ने उसे मार कर टांग दिया हो किसी जानवर की तरह
उसकी आँखें बाहर निकली हुई थीं।
जीभ आधी कटी हुई।
और पेट फटा हुआ। किसी ने उस औरत की बलि दी हो शैतानों को खुश करने के लिए। ये देखकर
मॉरिस डर के मारे पीछे हट गया।
तभी वो लाश अचानक हिलने लगी।
टक… टक… टक…
उसकी गर्दन धीरे-धीरे घूमी। वो जिंदा हो उसमें जान आ गई हो
और उसकी मरी हुई आँखें सीधे मॉरिस पर टिक गईं।
फिर उसके होंठ फटे—
“तू… ज़िंदा है…” मै कुछ कह पाता या समझ पाता तब तक देर हो गई थी
पूरे चर्च में अचानक हजारों आवाज़ें गूँजने लगीं—
“ज़िंदा आदमी…
ज़िंदा आदमी…
ज़िंदा आदमी…”
फर्श के नीचे से हाथ निकलने लगे।
सड़े हुए… जले हुए हाथ। मॉरिस ने उनसे बचने की बहुत कोशिश की लेकिन
उन्होंने मॉरिस के पैर पकड़ लिए।
मॉरिस चीखा। बचाओ बचाओ। कोई है मेरी मदद करो। किसी को मेरी आवाज सुनाई दे रही है क्या। कोई तो मेरी मदद करो
लेकिन तभी चर्च के नीचे की जमीन फट गई।
और एक विशाल काला गड्ढा खुल गया।
उस गड्ढे से ऐसी बदबू आ रही थी…
जैसे लाखों सड़ी हुई लाशें एक साथ जल रही हों।
अंदर सिर्फ अंधेरा था।
लेकिन उस अंधेरे में…
लाखों लाल आँखें चमक रही थीं।
फिर एक भारी आवाज़ गूँजी—
“जीते जी हमारी दुनिया में आने वाले इंसान…”
“तुझे इसकी कीमत चुकानी होगी…” मॉरिस ने कहा यहां मै अपने लिए नहीं आया यहां मै अपनी पत्नी और बेटी के लिए आया हूं।
उस शैतान ने कहा मै शैतान हूं और कोई भी पुन्य नहीं करता हूं मुझे एक जान बचाने के बदले कई लोगों की जान चाहिए़
वो भी उसकी जिसे तुम सबसे ज्यादा पसंद करते हो उसकी क्या तुम्हे ये सौदा मंजूर है।
मॉरिस कुछ कह पाता उससे पहले
अचानक पीछे से किसी ने मॉरिस के कान में फुसफुसाया—
“तुम्हारा परिवार अब हमारा है…”
मॉरिस ने पीछे मुड़कर देखा…
और उसकी चीख निकल गई।
उसके पीछे खड़ी थी—
एलिया।
लेकिन उसकी आँखें पूरी काली थीं।
और उसके मुँह से खून बह रहा था…वो नर्क की आग में जल रही थी
भाग 1 समाप्त…
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