🩸 THE LAST DEMON HUNTER
The Night of the First Scream
Part 1 — रक्त की शुरुआत
At 2:17 AM… the silence of Prague was broken by a scream no one could forget.

✍ Writer: Reax Accer
This is not just a story…
This is the beginning of a curse that turns a hunter into something far worse than a demon.
And once it begins… it never stops.
रात असामान्य रूप से शांत थी।
इतनी शांत कि हवा की हल्की सरसराहट भी किसी फुसफुसाहट जैसी लग रही थी।
पुराने यूरोपीय शहर Prague की पत्थर की गलियाँ धुंध में डूबी हुई थीं। मानो किसी ने आग जलाकर उसे बंद
करने का प्रयत्न किया हो ओर उसमें से निकला हुआ धुंआ चारों ओर फैल गया हो
घड़ी ने रात के 2:17 बजाए।
जैसे कि किसी शैतान के आने की घड़ी हो कोई उसे बुला रहा हो
और उसी पल…
पहली चीख गूंजी।
पता नहीं वो चीख किसकी थी किसी इंसान की या किसी इंसान के आवाज को कोई शैतान की
ऐसी चीख जिसमें दर्द कम और भय ज्यादा था।
एड्रियन ब्लैकवुड ने धीरे-धीरे अपनी आँखें खोलीं।
कमरे में सिर्फ एक लाल मोमबत्ती जल रही थी।
उसकी लौ दीवार पर ऐसे काँप रही थी जैसे कोई छाया जिंदा हो।
एड्रियन ने अपनी तलवार उठाई।
वह कोई साधारण तलवार नहीं थी।
उसकी धार पर अजीब प्रतीक उकेरे हुए थे — प्राचीन, खतरनाक और शापित।
वह शैतानों का शिकारी था।
और पिछले 15 सालों से उसका जीवन सिर्फ एक काम के लिए था—
शैतानों को मारना।
The Demon Hunter
एक और…”
उसने धीरे से कहा।
फिर वह खिड़की से कूद गया।
नीचे गली में खून की गंध थी।
ताज़ा खून।
गली के बीचों-बीच एक लाश पड़ी थी।
उसका चेहरा आधा फटा हुआ था।
हड्डियाँ बाहर दिखाई दे रही थीं।
लेकिन डरावनी बात यह नहीं थी।
डरावनी बात यह थी कि लाश मुस्कुरा रही थी।
और उसके पास खड़ा था एक प्राणी…
जिसकी आँखें लाल थीं
और मुँह से काला धुआँ निकल रहा था।
एक शैतान।
“देर हो गई, शिकारी…”
वह प्राणी हँसा।
एड्रियन ने जवाब नहीं दिया।
वह धीरे-धीरे उसकी तरफ बढ़ा।
फिर—
छन्नाक!
तलवार बिजली की तरह चमकी।
एक ही वार।
और अगले ही पल…
शैतान का सिर जमीन पर लुढ़क रहा था।
काले खून की धारा पत्थर की सड़क पर फैल गई।
The Blood Curse Begins
लेकिन तभी…
कुछ अजीब हुआ।
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| The demon was dead… but its curse had just begun. |
शैतान का काला खून जमीन में समाने के बजाय एड्रियन की त्वचा में घुसने लगा।
उसके हाथ जलने लगे।
उसकी नसें काली पड़ने लगीं।
“नहीं… फिर से नहीं…”
The Rise of Belial
एड्रियन बुदबुदाया।उसने जल्दी से अपने हाथ पर बंधा चमड़े का पट्टा कस लिया।
यह पट्टा एक ताबीज था।
उसे पता था—
हर बार जब वह किसी शैतान को मारता है…
उसकी आत्मा का एक टुकड़ा उसके अंदर समा जाता है।
धीरे-धीरे…
शिकार करने वाला भी उसी अंधेरे का हिस्सा बन जाता है।
लेकिन एक शैतान अभी बाकी था।
आखिरी शैतान।
जिसे मारने की कसम उसने सालों पहले खाई थी।
एड्रियन वापस अपने घर लौटा।
And that was the moment… something inside Adrian started to change.
घर शहर से दूर एक पुराने चर्च के पीछे था।
दीवारों पर खून से लिखे मंत्र थे।
और कमरे के बीचों-बीच…
लोहे का एक विशाल पिंजरा रखा था।
उसने दरवाजा खोला।
अंदर गया।
और खुद को बंद कर लिया।
हर रात वह ऐसा ही करता था।
क्योंकि कई बार…
सुबह उठते समय उसे याद नहीं रहता था कि रात में क्या हुआ।
लेकिन शहर में हमेशा नई लाशें मिलती थीं।
फटी हुई…
नोची हुई…
खाई हुई।
“बस एक और शैतान…”
उसने खुद से कहा।
“उसे मार दूँ…
तो सब खत्म हो जाएगा।”
काला खून उसकी त्वचा में समा रहा था…
लेकिन दर्द से ज्यादा डरावनी चीज कुछ और थी—
उसे अच्छा लग रहा था।
जैसे अंदर कुछ जाग रहा हो…
जो हमेशा से इंतज़ार कर रहा था।
लेकिन उसे नहीं पता था—
उसकी तलाश किसकी है।
और असली शैतान कौन है।
उसी रात…
शहर के दूसरे हिस्से में एक बूढ़ा पादरी खड़ा था।
पुराने गिरजाघर St. Vitus Cathedral के अंदर।
उसके हाथ में एक पुरानी किताब थी।
उसने कांपती आवाज में पढ़ा—
“जब आखिरी शैतान बचेगा…
तो शिकारी खुद को खोज रहा होगा।”
पादरी की आँखों में डर भर गया।
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| The cage was never meant to hold him… it was meant to protect everyone else. |
“हे भगवान…”
“अगर यह सच है…
तो एड्रियन ब्लैकवुड को नहीं पता…”
“कि जिस शैतान को वह ढूंढ रहा है…”
“वह कोई और नहीं…”
अचानक चर्च के दरवाजे अपने आप खुल गए।
हवा का तेज झोंका आया।
मोमबत्तियाँ बुझ गईं।
और अंधेरे में…
दो लाल आँखें चमकीं।
दूर कहीं…
लोहे के पिंजरे में सोया हुआ एड्रियन अचानक करवट बदलता है।
उसके होंठों से हल्की गुर्राहट निकलती है।
और उसके दाँत…
धीरे-धीरे नुकीले होने लगते हैं।
लेकिन सबसे भयानक बात अभी बाकी थी।
क्योंकि उस रात…
किसी ने चुपके से उसके घर में घुसकर—
पिंजरे की चाबी चुरा ली थी।
लेकिन जब भी वो आखरी शैतान को मारने की कोशिश करता
उसे लगा कि वह आखिरी शैतान को ढूंढ रहा है…
लेकिन सच यह था—
आखिरी शैतान…
उसे ढूंढ रहा था।
🩸 Part 2 में क्या होगा:
पिंजरा किसने खोला
एड्रियन की असली शक्ति
शहर में शुरू होगा खूनी खेल
और पहली बार सामने आएगा आखिरी शैतान का रहस्य
🩸 THE LAST DEMON HUNTER
भाग 2 — खुला हुआ पिंजरा
✍ Writer: Reax Accer
The cage was never meant to protect the city…रात अभी खत्म नहीं हुई थी।
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| He was a demon hunter… but every kill was turning him into something darker. |
आसमान पर बादल ऐसे तैर रहे थे जैसे किसी ने स्याही घोल दी हो।
शहर Prague की गलियाँ पहले से ज्यादा खामोश थीं।
लेकिन उस खामोशी के अंदर…
एक खतरनाक हलचल शुरू हो चुकी थी।
लोहे का पिंजरा धीरे-धीरे चरमराया।
टक…
ताला अपने आप खुल गया।
दरवाज़ा थोड़ा-सा हिला।
और फिर… धीरे-धीरे खुल गया।
पिंजरा खुल चुका था…
और अब जो बाहर आएगा…
वह एड्रियन नहीं होगा। वो तो उसके अंदर का शैतान होंगा जिसे उसे बरसों से ढूंढ रहा है
अंदर फर्श पर लेटा हुआ एड्रियन ब्लैकवुड अचानक हिला।
उसकी साँस भारी हो चुकी थी।
उसकी नसों में कुछ अजीब बह रहा था —
कुछ काला… कुछ जीवित…
कुछ ऐसा जो इंसानी नहीं था।
उसने धीरे-धीरे आँखें खोलीं।
लेकिन उसकी आँखें अब वैसी नहीं थीं।
उनमें हल्की लाल चमक थी।
“नहीं…”
उसने कराहते हुए कहा।
“आज नहीं…”
उसकी आवाज इंसानी नहीं थी…
वह सीधे दिमाग के अंदर गूंज रही थी।
वह समझ गया।
पिंजरा खुल चुका है।
और अगर वह बाहर गया…
तो सुबह तक शहर में सिर्फ लाशें बचेंगी।
लेकिन तभी—
एक आवाज आई।
“तुम्हें रोकने वाला अब कोई नहीं है, एड्रियन…”
आवाज़ कमरे के अंधेरे से आई थी।
एड्रियन ने तलवार पकड़ ली।
उसकी धार पर उकेरे गए चिन्ह हल्के-हल्के चमकने लगे।
“कौन है?”
उसने गुर्राकर पूछा।
अंधेरे से एक बूढ़ा आदमी बाहर आया।
वह वही पादरी था जो कुछ देर पहले
St. Vitus Cathedral में खड़ा था।
लेकिन अब उसका चेहरा अलग था।
बहुत अलग।
उसकी मुस्कान इंसानी नहीं लग रही थी।
“पिता मिकेल?”
एड्रियन ने पहचान लिया।
“आप यहाँ क्या कर रहे हैं?”
पादरी धीरे-धीरे हँसा।
“तुम्हें देखने आया हूँ…”
“आखिरी शैतान के जन्म को देखने।”
कमरे में अचानक ठंड बढ़ गई।
एड्रियन का गुस्सा भड़क उठा।
“चुप रहो!”
तलवार हवा में चमकी।
लेकिन पादरी हिला भी नहीं।
“तुमने हजारों शैतानों को मारा है…”
वह शांत आवाज में बोला।
“लेकिन क्या तुमने कभी सोचा…”
“उनकी आत्माएँ कहाँ जाती हैं?”
एड्रियन चुप हो गया।
क्योंकि वह इस सवाल का जवाब जानता था।
और वही जवाब उसे डराता था।
“हर बार जब तुम किसी शैतान को मारते हो…”
पादरी बोला
“उसकी आत्मा तुम्हारे अंदर समा जाती है।”
“तुम्हारी नसों में…”
“तुम्हारे खून में…”
“तुम्हारी आत्मा में।”
एड्रियन की मुट्ठियाँ कांपने लगीं।
“बस…”
उसने दाँत भींचे।
“बस करो…”
लेकिन पादरी रुका नहीं।
“तुम सोचते हो कि आखिरी शैतान कोई और है…”
“लेकिन सच्चाई…”
“तुमसे ज्यादा करीब है।”
अचानक पादरी का चेहरा बदलने लगा।
उसकी त्वचा फटने लगी।
आँखें पूरी तरह काली हो गईं।
उसकी रीढ़ टेढ़ी हो गई।
और कुछ ही सेकंड में…
वह एक भयानक शैतान में बदल गया।
“मुझे पहचानते हो?”
वह गरजा।
“मैं हूँ…”
कमरा अचानक अंधेरे से भर गया।
दीवारों पर लगे क्रॉस टूट गए।
मोमबत्तियाँ अपने आप जल उठीं।
एड्रियन ने तलवार कसकर पकड़ी।
“तो आखिर मिल ही गए…”
“आखिरी शैतान के सेवक।”
धड़ाम!
शैतान बिजली की तरह उसकी तरफ झपटा।
एड्रियन ने तलवार घुमाई।
खून की धार हवा में उड़ी।
लेकिन यह साधारण लड़ाई नहीं थी।
हर वार के साथ…
हर वार के साथ हवा भारी होती जा रही थी…
जैसे पूरा कमरा सांस लेना भूल गया हो।
एड्रियन की ताकत बढ़ रही थी।
उसकी आँखों की लाल चमक तेज होती जा रही थी।
उसके दाँत और नुकीले हो रहे थे।
और अचानक…
उसने शैतान का सिर पकड़कर
दीवार में दे मारा।
धड़ाम!
दीवार टूट गई।
खोपड़ी फट गई।
काला खून हर तरफ फैल गया।
लेकिन मरने से पहले शैतान हँसा।
एक डरावनी हँसी।
“तुम जीत नहीं रहे…”
“तुम बदल रहे हो…”
एड्रियन ने उसे खत्म कर दिया।
तलवार उसके दिल के पार चली गई।
शैतान की लाश जमीन पर गिर गई।
लेकिन उसी पल…
काला धुआँ उसके शरीर से निकलकर
सीधे एड्रियन के अंदर घुस गया।
इस बार दर्द अलग था…
यह सिर्फ शरीर में नहीं था—
यह उसकी आत्मा को तोड़ रहा था।
एड्रियन चीख उठा।
उसकी नसें काली पड़ने लगीं।
उसकी त्वचा जलने लगी।
और उसकी आँखें…
पूरी तरह लाल हो गईं।
उसी समय…
शहर के दूसरी तरफ
एक छोटी लड़की अपनी खिड़की से बाहर देख रही थी।
उसे लगा जैसे कोई छाया छतों पर दौड़ रही है।
बहुत तेज।
बहुत खतरनाक।
और फिर उसने देखा—
वह छाया रुक गई।
धीरे-धीरे खड़ी हुई।
और चाँद की रोशनी में उसका चेहरा दिखा।
वह इंसान था।
लेकिन उसकी आँखें शैतान जैसी थीं।
लड़की की चीख रात को चीर गई।
और उसी पल…
प्राग में नरसंहार की पहली रात शुरू हो गई।
उस रात… Prague में सिर्फ एक शिकार नहीं शुरू हुआ था।
उस रात…
एक राक्षस जन्म ले चुका था।
जो ये ख़ोमेशी के साथ चीख के साथ आया है ओर इस बार कुछ अलग होने वाला है जिसकी कल्पना किसी ने की भी न हो
🩸 भाग 3 में क्या होगा:
शहर में शुरू होगा खूनी आतंक
एड्रियन की असली शक्ति सामने आएगी
एक प्राचीन किताब बताएगी आखिरी शैतान की भविष्यवाणी
और पहली बार सामने आएगा वह सच…
कि शायद एड्रियन जिस शैतान को ढूंढ रहा है…
वह खुद वही है।
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शायद आपके सपनों में शुरू हो।
✍ लेखक: Reax Accer




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