MERRY CHRISTMAS: THE AXE MAN
A Novel of Faith, Flesh, and Forgotten Gods
PROLOGUE
Lapland Was Never Holy
Rovaniemi, Finland
24 December 2003 | 11:41 PM
बर्फ गिर रही थी,
लेकिन वह सफ़ेद नहीं थी।
वह बर्फ नहीं—
यादें थीं।
हर परत में कोई न कोई नाम दफ़न था,
कोई बच्चा,
कोई माँ,
कोई ऐसा विश्वास…
जिसे कभी दफनाया नहीं जाना चाहिए था।
आसमान में अचानक एक कंपन हुआ।
कोई बादल नहीं फटा—
समय फटा था।
और उसी दरार से
वह गाड़ी उतरी।
CHAPTER 1
The Wrong Santa
वह स्लेज नहीं थी।
उसे स्लेज कहना—
एक पाप को कहानी बना देना था।
उसका ढाँचा मानव पसलियों से बुना गया था,
जो एक-दूसरे से ऐसे जुड़ी थीं
जैसे किसी ने हड्डियों से प्रार्थना लिखी हो।
उसे खींचने वाले जानवर कभी हिरण रहे होंगे—
कभी।
अब उनके पेट खुले थे,
अंदरूनी अंग बाहर झूल रहे थे,
और उनकी आँखों की जगह
खाली गड्ढे थे
जिनसे काला धुआँ निकल रहा था।
और उस गाड़ी पर बैठा था—
Santa Claus।
या कम से कम
जो खुद को वही दिखाना चाहता था।
उसका चेहरा आधा इंसानी था—
थका हुआ, झुर्रियों से भरा,
जैसे सदियों से बच्चों की इच्छाएँ उठाते-उठाते गल गया हो।
बाक़ी आधा…
जानवर का था।
जबड़ा आगे निकला हुआ,
नाक फटी हुई,
और एक आँख—
बकरी की तरह खड़ी पुतली वाली।
वह मुस्कुराया नहीं।
उसके चेहरे पर जो था,
वह मुस्कान की नकल थी।
CHAPTER 2
What Lived Inside the Sack
उसका झोला फर्श को छू रहा था।
नहीं—
घसीट रहा था।
अंदर कुछ साँस ले रहा था।
छोटे, अधूरे जीव—
जिनका जन्म माँ के गर्भ में नहीं
डर के गर्भ में हुआ था।
उनके चेहरे आधे बच्चे जैसे थे,
आधे जानवर जैसे।
दाँत दूध के नहीं—
नुकीले, स्थायी।
उनका काम उपहार देना नहीं था।
वे आँखें निकालते थे।
क्योंकि Santa को आँखें चाहिए थीं।
“डर बिना देखे पैदा नहीं होता।”
CHAPTER 3
The Christmas Rule
वह सिर्फ क्रिसमस की रात आता था।
क्योंकि यही वह रात थी
जब इंसान सबसे ज़्यादा विश्वास करता है।
जो घर Santa को बुलाता—
वह खुद को खोल देता।
जो बच्चे Santa पर विश्वास करते—
वे उसे अंदर आने की अनुमति दे देते।
यही नियम था।
और नियम
हमेशा खून से लिखे जाते हैं।
CHAPTER 4
The Axe Men
वह अकेला नहीं था।
तीन और Santa—
लेकिन उनके चेहरे ढके रहते थे।
उनके हाथों में कुल्हाड़ियाँ थीं—
इंसानी हड्डियों से बनी।
वे मारते नहीं थे।
वे साफ़ करते थे।
पूरे परिवार,
पूरे घर,
ताकि अगली पीढ़ी को
डर विरासत में मिले।
दुनिया उन्हें जानती नहीं थी,
लेकिन Vatican जानता था।
और डरता था।
CHAPTER 5
Seattle, Where the Child Was Born
Seattle, Washington
21 September 2003
जब Monish Reax Sir पैदा हुआ—
उसी पल Vatican की एक सील टूट गई।
पुरानी भविष्यवाणी में लिखा था:
“जो Santa का शिकार था,
वही उसका अंत बनेगा।”
बच्चा रोया नहीं था।
उसने
आँखें खोली थीं।
CHAPTER 6
The First Time Santa Felt Fear
24 December, 2003
रात 2:12
Santa Seattle पहुँचा।
लेकिन जैसे ही उसने बच्चे को देखा—
उसकी चाल रुकी।
क्योंकि पहली बार
कोई उसे देख पा रहा था।
Monish की आँखों में
Santa की परछाईं नहीं थी।
वहाँ उसकी मौत थी।
INTERLUDE
The Lie of Saint Nicholas
Saint Nicholas ने शैतान को नहीं हराया था।
उसने
गलती की थी।
उस आत्मा को आधा मारा गया।
और आधा—
समय में छोड़ दिया गया।
वही आत्मा
Santa बनकर लौटी।
और वही आत्मा
अब बच्चे में वापस आई थी।
CHAPTER 7
Why the World Will Try to Kill the Child
Monish Reax Sir
इंसानों के लिए भी ख़तरा है।
क्योंकि अगर Santa मरा—
तो लोग जान लेंगे
कि उन्होंने किस पर विश्वास किया था।
और इंसान
सच से ज़्यादा
झूठ को बचाना पसंद करता है।
यह उपन्यास यहाँ खत्म नहीं होता।
यहाँ से असल खेल शुरू होता है।
अगर आप चाहें, अगले भाग में मैं लिखूँगा:
Santa और Axe Man की पूरी उत्पत्ति (Ancient Europe & Pagan Gods)
Vatican की भूमिका और छुपाई गई हत्याएँ
Monish का बड़ा होना और मानव बनाम सच
एक ऐसा अंत
जो पाठक को यह सोचने पर मजबूर करेगा—
क्या Santa को मरना चाहिए था?
📕 PART TWO
❝ THE AXE REMEMBERS ❞
(अध्याय 11 से 20)
**अध्याय 11
कुल्हाड़ी की याद**
स्थान: Lapland, Finland
साल: 1901
तारीख: 25 दिसंबर
समय: रात 2:41
उस रात बर्फ गिर नहीं रही थी।
वो ज़मीन पर चिपकी हुई थी।
गांव का नाम था — Inari
और गांव अब भी नक्शे पर है।
लेकिन जो हुआ…
वो आज भी नहीं लिखा गया।
एक आदमी —
नाम Elias Korhonen
अपने घर से बाहर निकला।
उसके हाथ में कुल्हाड़ी थी।
लेकिन वो कुल्हाड़ी
लकड़ी काटने के लिए नहीं थी।
वो बनाई गई थी —
मानव रीढ़ की हड्डी से।
**अध्याय 12
पहला वार**
Elias ने Santa को देखा।
सांता हँस रहा था।
वही मुस्कान —
जो बच्चों को सुरक्षित लगती है।
लेकिन Elias ने
उसकी आंखों में देखा।
वहाँ कोई खुशी नहीं थी।
वहाँ भूख थी।
जब कुल्हाड़ी चली —
तो खून नहीं निकला।
Santa की गर्दन से
एक आवाज़ आई —
जैसे किसी ने
पुरानी घंटी तोड़ दी हो।
सिर गिरा।
लेकिन—
Santa मरा नहीं।
**अध्याय 13
तीन परछाइयाँ**
Santa का सिर
ज़मीन पर पड़ा था।
और हँस रहा था।
उसी हँसी से
तीन परछाइयाँ निकलीं।
वे अलग नहीं थीं।
वे
Santa के ही
अधूरे विचार थे।
यही थे—
पहले Axe Men
**अध्याय 14
Axe Men क्या हैं**
Axe Men
Santa के दुश्मन नहीं हैं।
वे उसकी
असफल मौत हैं।
जब भी कोई इंसान
Santa को मारने की कोशिश करता है —
और डर से भरा होता है —
तो Axe Man जन्म लेता है।
इसलिए उनकी कुल्हाड़ी
हड्डियों की होती है।
वे डर से बनी होती हैं।
**अध्याय 15
वे माता-पिता को क्यों मारते हैं**
Axe Men
बच्चों को नहीं छूते।
क्योंकि बच्चे
अब भी सीख सकते हैं।
वे माता-पिता को मारते हैं
ताकि डर
सीधे बच्चों तक पहुँचे।
मृत शरीर
सबसे अच्छा सबक होता है।
**अध्याय 16
वर्तमान की ओर वापसी**
स्थान: Portland, Oregon
साल: 2024
Monish Reax
अब रोता नहीं है।
वो रात में
छत की ओर देखता है।
डॉक्टर कहते हैं —
यह सामान्य है।
लेकिन उसकी माँ जानती है —
वो छत को नहीं देख रहा।
वो
कुछ आने का इंतज़ार कर रहा है।
**अध्याय 17
घर के बाहर**
हर रात
घर के बाहर
तीन निशान बनते हैं।
कोई पैरों के नहीं।
वे
कुल्हाड़ी की धार जैसे हैं।
और हर सुबह
दरवाज़े पर
एक नया वाक्य लिखा होता है —
**अध्याय 18
Yule Manuscript का छुपा हिस्सा**
Manuscript का आख़िरी पन्ना
कभी प्रकाशित नहीं हुआ।
उसमें लिखा था:
“The child who sees
will not grow normally.
He will remember what Santa forgot.”
यानी—
Monish Reax
Santa का दुश्मन नहीं बनेगा।
वो
उसकी याद बनेगा।
**अध्याय 19
पहली आवाज़**
रात 3:17
Monish ने पहली बार
बोलने की कोशिश की।
लेकिन शब्द नहीं निकले।
उसके मुँह से
घंटी जैसी आवाज़ आई।
घर की बत्तियाँ
अपने आप बंद हो गईं।
और बाहर —
बर्फ पर
चार परछाइयाँ खड़ी थीं।
**अध्याय 20
Axe Men झुकते हैं**
पहली बार—
Axe Men
किसी बच्चे के सामने
झुके।
Santa नहीं।
सिर्फ़ Axe Men।
क्योंकि—
उन्हें याद आ गया था
वे क्या थे।
और Monish Reax
अब
सिर्फ़ बच्चा नहीं रहा।
🔒 PART TWO यहीं रुकता है — खत्म नहीं होता
क्योंकि—
अब कहानी
Santa की नहीं रही।
अब कहानी
उसकी याद की है।
📌 आगे आने वाला PART THREE
❝ THE CHILD WHO REMEMBERS ❞
Monish की बढ़ती चेतना
Axe Men का विद्रोह
Santa की असली उत्पत्ति
और पहला संकेत कि
शायद… Santa भी डरता है
🎄✨ **Merry Christmas!** ✨🎄
नमस्कार दोस्तों,
इस Christmas पर मैं सिर्फ जश्न नहीं मना रहा…
बल्कि उन सभी लोगों के लिए आभारी हूँ
जिन्होंने मुश्किल समय में मेरे लिए **उम्मीद और प्यार का दीप** जलाए रखा। 🕯️❤️
जीवन के उतार-चढ़ाव हमें परखते हैं,
लेकिन **कृतज्ञता ही वह रोशनी है 🌟
जो अंधेरों को हराने नहीं देती।**
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आपकी छोटी-सी मदद मेरे लिए Christmas की **सबसे गर्माहट भरी खुशियों** जैसी है। 🎅✨🎉
Thank you for being part of my journey!
**Stay Blessed & Merry Christmas!** 🎄💫❤️
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