The Last Writer (द लास्ट राइटर)
📖 The Last Writer (द लास्ट राइटर) – एक खौफनाक ऐतिहासिक हॉरर कहानी 👁️🗨️
सन् 17वीं शताब्दी के फ्रांस की अंधेरी गलियों में, एक लड़का Reax Accer को एक शापित किताब मिलती है — जो खून और अभिशाप से लिखी गई है।
जैसे ही वह उसके पन्ने पलटता है, स्याही बहने लगती है, परछाइयाँ फुसफुसाती हैं और हर शब्द उसकी आत्मा को निगलने लगता है।
धीरे-धीरे वह महसूस करता है कि अब वह किताब नहीं पढ़ रहा... किताब उसे पढ़ रही है।
यह सिर्फ़ कहानी नहीं... एक जीवित श्राप है, जो डर से पोषित होता है।
एक बार पढ़ना शुरू किया, तो इसका अंत नहीं — क्योंकि जो इसे पूरा पढ़ता है, वो खुद “The Last Writer” बन जाता है।
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स्थान – फ़्रांस, सन् 1672
लेखक – Reax Accer
फ्रांस के दक्षिणी भाग में बसे एक छोटे से गाँव ब्रिव-ल-शातो (Brive-le-Château) में एक लड़का रहता था — रीएक्स अॅक्सर (Reax Accer)।
वो लड़का था तो बस बारह साल का, लेकिन उसकी आँखों में उम्र से कहीं ज़्यादा सवाल तैरते रहते थे।
हर दिन सूरज ढलते ही जब गाँव के बच्चे खेतों में दौड़ते, खेलते, हँसते — रीएक्स अकेला बैठा आकाश की तरफ देखता और सोचता —
“क्या कोई जगह है जहाँ मृत आत्माएँ जाती हैं?
क्या वो हमें देखती हैं… या हमारे बीच ही रहती हैं?”
उसके माता-पिता साधारण किसान थे। उनका घर गाँव के बिल्कुल किनारे था — जहाँ से दूर पहाड़ी दिखती थी, जिस पर अक्सर घना कोहरा छाया रहता था।
वो पहाड़ गाँववालों के लिए "Mont du Silence" कहलाता था — शांत पर्वत, पर असल में वहाँ सन्नाटा नहीं था, बल्कि रातों में रोने की आवाज़ें गूंजती थीं।
अध्याय 1: रात जो कभी ख़त्म न हुई
रीएक्स को बचपन से ही भूत-प्रेतों की कहानियाँ सुनने का शौक था।
वो गाँव के बुज़ुर्गों से कहानियाँ सुनता —
कभी किसी आत्मा की जो अपनी कब्र से बाहर निकलती,
कभी किसी श्राप की जो पीढ़ियों को खत्म कर देता।
धीरे-धीरे वो कहानियाँ उसका जुनून बन गईं।
वो अंधेरे में भी अकेले कब्रिस्तान तक चला जाता,
मरे हुए जानवरों की आँखें देखता और सोचता कि क्या आत्मा अब भी वहीं भटक रही है।
फिर एक रात… गाँव में एक खबर फैल गई —
कि पहाड़ के उस पार, जहाँ पुराने कब्रिस्तान की हड्डियाँ अब तक आधी ज़मीन में धँसी थीं,
वहाँ एक मरा हुआ आदमी रोज़ रात को रोता है।
लोग कहते थे —
“वो आत्मा पचास साल पहले मरे एक पादरी की है, जिसने अपनी ही आत्मा को श्राप दिया था।”
अफवाह थी कि जब हवा तेज़ चलती,
तो उसकी रोने की आवाज़ गाँव तक सुनाई देती —
धीरे-धीरे, जैसे कोई हवा नहीं बल्कि मौत खुद फुसफुसा रही हो।
रीएक्स के मन में जिज्ञासा बढ़ी।
वो जानना चाहता था कि वो कौन है, क्यों रोता है, और इतने सालों बाद भी क्यों नहीं गया।
उसने अपने दोस्तों को साथ चलने को कहा,
पर हर किसी ने मना कर दिया —
किसी ने बीमार माँ का बहाना बनाया, किसी ने रात में घर न निकलने की कसम खाई।
रीएक्स अकेला रह गया।
अध्याय 2: आग और आत्मा
उस रात हवा ठंडी थी,
आसमान बादलों से भरा हुआ था और गाँव में अंधेरा फैल चुका था।
रीएक्स की माँ ने उसे चेताया —
“जब तक हम लौटें, घर से बाहर मत निकलना।”
वे अपने पिता के साथ उस दिशा में चले गए जहाँ से चिल्लाने की आवाज़ें आ रही थीं।
रीएक्स घर में अपनी छोटी बहन एलिसा के साथ था —
वो अभी ठीक से चल भी नहीं पाती थी।
लेकिन समय बीतता गया,
आवाज़ें और पास आती गईं —
कभी रोने की, कभी किसी के चिल्लाने की, कभी किसी चीज़ के टूटने की।
रीएक्स का दिल धड़क उठा।
उसने अपनी बहन को अपनी पीठ पर बाँधा और घर से बाहर निकल पड़ा।
कोहरा इतना घना था कि कुछ कदम आगे देखना मुश्किल था।
आवाज़ें एक ही दिशा से आ रही थीं — पहाड़ की तरफ से।
जैसे-जैसे वो पास पहुँचा,
उसे दिखा — गाँव के लोग एक जलते हुए घर के चारों ओर जमा थे।
आग लाल धुएँ में बदल चुकी थी।
और तभी… उस घर के दरवाज़े से एक आदमी उड़ता हुआ बाहर आया।
वो ज़मीन से कुछ फीट ऊपर हवा में था,
उसका चेहरा पूरी तरह जला हुआ, पर आँखें अब भी चमक रही थीं —
लाल… खून जैसी लाल।
लोग डर के मारे इधर-उधर भागने लगे,
पर रीएक्स वहीं खड़ा रह गया, अपनी बहन को कसकर पकड़े हुए।
वो उड़ता हुआ इंसान हवा में कुछ देर ठहरा,
फिर आसमान की तरफ उड़ा,
और अचानक ऐसे नीचे गिरा जैसे किसी ने उसे ऊपर से फेंक दिया हो।
पर वो ज़मीन से कुछ इंच पहले रुक गया —
ठीक हवा में झूलता हुआ।
फिर, जमीन से पेड़ों जैसी टहनियाँ निकलने लगीं,
जो सीधी उस आदमी के चारों ओर लिपट गईं।
टहनियों ने उसके हाथ, पैर जकड़ लिए।
उसकी चीख गाँव भर में गूंज उठी।
धीरे-धीरे उसकी हड्डियाँ टूटने की आवाज़ें सुनाई दीं —
टक...टक...टक...
हर हड्डी टूटने पर वो और ज़ोर से चिल्लाता,
उसकी आँखों से आग जैसी चमक निकलती,
और हवा में राख का तूफ़ान उठ जाता।
अचानक उसकी गर्दन पीछे मुड़ी —
एक ही झटके में… कटक!
वो मर गया।
लोगों ने राहत की साँस ली,
पर तभी —
वो टहनियाँ उसके मुँह में घुसने लगीं,
और उसका पूरा शरीर काले धुएँ में बदल गया।
फिर उस धुएँ से एक और आकृति निकली —
पहले से भी डरावनी, पहले से भी ज़्यादा भयानक।
वो अब इंसान नहीं रहा था…
वो कुछ और बन चुका था।
उसने गाँववालों पर हमला कर दिया।
जो भी उसके रास्ते में आया —
वो उसे ऐसे मारता जैसे कोई कागज़ फाड़ रहा हो।
किसी की आँतें निकाल दीं,
किसी का सिर तोड़ दिया,
किसी का दिल हाथ में लेकर हँसता रहा।
पूरा गाँव खून से लथपथ हो गया।
रीएक्स और एलिसा छिपे रहे —
पर उस शैतान की नज़र उन पर पड़ी।
वो सीधा उनकी ओर बढ़ा।
रीएक्स ने उसकी आँखों में देखा —
और तभी सब अंधेरा हो गया।
अध्याय 3: सुबह की चुप्पी
जब रीएक्स की आँख खुली,
सूरज की पहली किरणें जल चुके घरों पर पड़ रही थीं।
चारों तरफ लाशें थीं।
कहीं बच्चों की चीखें, कहीं औरतों की जली देहें।
गाँव के आधे से ज़्यादा लोग मर चुके थे।
जो बच्चे उसकी उम्र के थे —
वो सब मिट्टी और राख से निकलते हुए उसकी तरफ देख रहे थे।
उनकी आँखों में कोई आँसू नहीं थे,
बस खालीपन था —
जैसे वो किसी और जगह से वापस आए हों।
अचानक घोड़ों की टापों की आवाज़ आई।
कुछ अजनबी लोग गाँव में घुसे,
उन्होंने बच्चों को पकड़ लिया,
कुछ ने बेहोश कर दिया।
रीएक्स की आखिरी याद वही थी —
एलिसा की चीख,
और उसका खुद का बेहोश होना।
अध्याय 4: बंद दीवारों के भीतर
जब वो जागा,
वो किसी अँधेरी जगह में था —
चारों तरफ दीवारें थीं, लकड़ी सड़ी हुई, और हवा में सड़न की गंध।
उसके हाथों में लोहे की जंजीरें थीं।
सामने दीवार पर कुछ लिखा था —
और तभी उसने अपने पीछे किसी की सांस महसूस की —
धीमी, ठंडी, और भारी।
कोई था वहाँ, जो उसकी हर हरकत देख रहा था।
कोई… जो शायद जानता था कि वो अब सिर्फ एक लड़का नहीं रहा —
बल्कि उस रात का इकलौता गवाह था।
और उस गवाह को अब कहानी पूरी करनी थी…
क्योंकि कुछ कहानियाँ खुद लिखी नहीं जातीं,
बल्कि खून और आत्माओं से लिखी जाती हैं।
🔥 समाप्त नहीं... बल्कि शुरुआत।
(आने वाले भाग में — “The Last Writer: Blood of Silence” में, रीएक्स जानता है कि उसे क्यों जिंदा छोड़ा गया, और कौन उसे उस “Mont du Silence” की आत्माओं से जोड़ता है...)
“The Last Writer: Blood of Silence”
(द लास्ट राइटर: ख़ामोशी का ख़ून)
स्थान – फ़्रांस, वर्ष 1673 (पिछली रात के एक वर्ष बाद)
लेखक – Reax Accer
अध्याय 1 – दीवारों के पार
एक साल बीत चुका था।
पर उस रात की चीखें अब भी रीएक्स के कानों में गूंजती थीं।
हर सुबह जब वो अपनी आँखें खोलता, तो उसके सामने वही दीवारें होतीं —
सड़ी लकड़ी, लोहे की जंजीरें और दीवार पर उकेरे हुए शब्द:
“Le dernier écrivain — The Last Writer”
यह जगह किसी जेल जैसी थी — पर जेल नहीं।
यह एक गुप्त तहखाना था,
जहाँ उन बच्चों को रखा गया था जो उस रात जिंदा बच गए थे।
उनमें से सिर्फ चार अब तक जीवित थे —
रीएक्स, उसकी छोटी बहन एलिसा, और दो और बच्चे —
लूक (Luc) और एमी (Aimée)।
साल भर में कई बार वो लोग अजीब आवाज़ें सुनते —
दीवारों के पार से किसी के कदमों की खुरच,
लोहे पर कुछ घसीटने की आवाज़,
और कभी-कभी किसी की फुसफुसाहट —
“लिखो... लिखो... वरना वो लौट आएगा।”
रीएक्स अब 13 साल का हो चुका था।
उसकी आँखों में मासूमियत की जगह अब भय की समझदारी आ चुकी थी।
वो हर चीज़ को परखता, गिनता, सुनता — जैसे कोई लेखक जो मौत को शब्दों में बाँधने की कोशिश कर रहा हो।
अध्याय 2 – रक्त का चिह्न
एक रात जब बाकी सब बच्चे सो रहे थे,
रीएक्स ने देखा कि दीवार की दरार से कुछ लाल टपक रहा है।
वो खून था — पर गरम नहीं, ठंडा।
वो खून ज़मीन पर गिरते ही अक्षरों में बदल गया:
“Mont du Silence — फिर से जाग उठा है।”
रीएक्स ने कांपते हुए दीवार को छुआ।
और तभी दीवार हिली…
धीरे-धीरे पीछे सरकती गई।
उसके पीछे एक अँधेरा गलियारा था।
जमीन पर पुराने लकड़ी के तख्ते, और दीवारों पर टंगी कुछ मानव खोपड़ियाँ।
हर खोपड़ी के माथे पर एक शब्द लिखा था —
“Writer.”
रीएक्स समझ गया कि वो अकेला नहीं था।
उससे पहले भी कई बच्चे यहाँ रह चुके थे —
और हर किसी को किसी “लेखक” के नाम से पुकारा गया था।
लेकिन क्यों?
अध्याय 3 – पहाड़ का रहस्य
रीएक्स, एलिसा, लूक और एमी उस गलियारे में आगे बढ़े।
दीवारों पर अब पुराने चित्र उभरे हुए थे —
एक पादरी जो पहाड़ की चोटी पर किसी आत्मा को बुला रहा था।
नीचे लिखा था:
“1670 – Pacte du Silence”
(ख़ामोशी का समझौता)
चित्र के नीचे लिखा था कि उस पादरी ने मौत से परे जाने के लिए
अपनी आत्मा को “Mont du Silence” की छाया में बेच दिया था।
उसकी आत्मा हर सौ साल बाद लौटती थी,
और अपने साथ सभी जीवित आत्माओं का सौदा करती थी।
उस पादरी का नाम था —
Father Alphonse Delier.
वो वही आत्मा थी जिसे रीएक्स ने उस रात जलते घर से निकलते देखा था।
अध्याय 4 – लौटती हुई आत्मा
अचानक हवा में सन्नाटा छा गया।
चारों बच्चों ने महसूस किया कि गलियारे का तापमान गिर रहा है।
दीवारों पर टंगी खोपड़ियाँ एक-एक कर दरारों से फटने लगीं,
और उनकी आँखों से धुएँ के धागे निकलने लगे।
वो धुआँ एक जगह इकट्ठा होकर
एक इंसानी आकृति में बदल गया।
वो पादरी था…
वही चेहरा, वही लाल आँखें —
बस अब उसके होंठों पर मुस्कान थी।
“Reax…” उसने कहा, “मैंने तुम्हें चुना था।”
“बाकी सब मेरे शब्दों से बने… और तुम… मेरी कहानी से।”
रीएक्स पीछे हट गया,
पर हवा उसके पैरों को बाँध चुकी थी।
“तुम्हारा जन्म उस रात हुआ था जब मैंने आख़िरी बार इस गाँव को जला दिया था।
तुम मेरी अधूरी किताब का आख़िरी पन्ना हो।”
एलिसा चीख पड़ी,
पर उसकी आवाज़ जैसे किसी ने हवा में ही चुरा ली।
पादरी ने अपनी उंगलियाँ उठाईं,
और हवा में लिखा —
“Blood of Silence”
साथ ही दीवार से खून टपकने लगा।
रीएक्स का शरीर कांपने लगा,
उसकी आँखों के सामने पूरा गाँव घूमने लगा —
वो रात, वो आग, वो उड़ता हुआ आदमी, वो पेड़ों की टहनियाँ, वो चीखें…
सब दोबारा दिखने लगा।
और फिर —
उसने देखा कि वो उड़ता हुआ आदमी वास्तव में पादरी का प्रतिबिंब था,
जो खुद को शापित कर चुका था।
वो अब इंसान नहीं था, वो मृत शब्दों का लेखक था —
जो हर सदी में एक नया “Writer” पैदा करता था।
अध्याय 5 – आख़िरी अध्याय
रीएक्स ने डर के बावजूद अपनी जेब से एक टूटी कलम निकाली,
जो उसके पिता ने उसे दी थी।
उसने ज़मीन पर लिखा —
“मैं अब तुम्हारी कहानी नहीं लिखूंगा।”
जैसे ही उसने ये लिखा,
हवा गूंज उठी, दीवारें कांपने लगीं।
खोपड़ियाँ गिरने लगीं,
और पादरी की आकृति टूटने लगी।
“तू नहीं समझता, बच्चा…”
“अगर तू नहीं लिखेगा… तो मैं खुद तुझसे लिखवाऊँगा।”
वो बोल ही रहा था कि एलिसा ने वही खून की लकीरें पकड़ लीं
और उन्हें दीवार पर क्रॉस के आकार में फैला दिया।
अचानक पादरी की आत्मा चीख उठी,
दीवारें फट गईं, और पूरा तहखाना लाल रोशनी से जल उठा।
रीएक्स, एलिसा, लूक और एमी भागते हुए बाहर निकले।
पीछे से एक ही आवाज़ गूंज रही थी —
“हर Writer को अपनी कहानी पूरी करनी होती है…”
अध्याय 6 – शब्द जो जीवित हैं
वो चारों जंगल के बीच जा पहुँचे।
कोहरा अब भी था,
पर हवा में अब भी वो गंध थी — जले हुए मांस की।
रीएक्स के हाथ में वो टूटी कलम अब भी थी,
पर उसकी निब पर खून नहीं, काली स्याही थी।
उसने धीरे से कहा —
“कहानी खत्म नहीं हुई…”
और तभी उसकी कलम खुद-ब-खुद हिलने लगी।
हवा में एक वाक्य लिखा गया:
अंतिम पंक्ति
रीएक्स ने समझ लिया था —
वो अब सिर्फ एक बच्चा नहीं रहा,
वो उस आत्मा की किताब का अगला अध्याय बन चुका था।
अब उसके हाथ से लिखे हर शब्द में
मौत, श्राप, और मौन का खून बहता था।
क्योंकि “The Last Writer” अब जिंदा था…
और दुनिया उसकी अगली कहानी पढ़ने वाली थी।
🔥 समाप्त नहीं… अगला भाग —
“The Last Writer: The Book of Graves”
(जहाँ रीएक्स को पता चलेगा कि वो जिस कलम से लिखता है,
वो किसी इंसान की हड्डी से बनी है —
और अब उसे ही तय करना होगा कि अगला मरने वाला कौन होगा…)
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