Mother Merry: The First Wish That Created a Monster



MOTHER MERRY

The Wish That Bleeds Back

प्रस्तावना (Prologue)
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हर इच्छा की एक कीमत होती है।
और कुछ इच्छाएँ… इंसानों के लिए बनी ही नहीं होतीं।

जॉर्डन की धरती पर यह माना जाता है कि अगर आधी रात को कोई इंसान दिल से कोई ऐसी इच्छा माँग ले—जो असंभव हो—तो Mother Merry आती है।
वह इच्छा पूरी नहीं करती…
वह इच्छा माँगने वाले को ही खा जाती है।

और अगर उसे देखकर कोई डर गया—
तो उसकी आत्मा उसी पल टूट जाती है।


अध्याय 1 : रोने की आवाज़

स्थान: जॉर्डन, अमान के बाहरी इलाके
घर का नाम: Wezli House

Wezli परिवार का घर बाहर से किसी पुराने राजमहल जैसा लगता था—ऊँची दीवारें, लोहे के दरवाज़े, और पीछे फैला हुआ घना जंगल, जो रात में साँस लेता हुआ महसूस होता था।

घर में कुल सात लोग रहते थे—
माँ, पिता,
दो बेटियाँ,
एक छोटा बेटा,
और दादी-बाबा।

उस सुबह सब कुछ सामान्य था…
जब तक कि नाश्ते की मेज़ पर वह बात नहीं कही गई।

बड़ी बेटी, सारा Wezli, का चेहरा पीला था। उसकी आँखों के नीचे काले घेरे थे, जैसे उसने कई रातों से नींद नहीं ली हो।

उसने काँपती आवाज़ में कहा—

“Mom… Dad…
मुझे रात में किसी के रोने की बहुत तेज़ आवाज़ सुनाई दी।”

मेज़ पर चम्मच रुक गए।

“मैं उस आवाज़ का पीछा करती हुई घर के पीछे जंगल तक चली गई…
और वहाँ मैंने… एक इंसान देखा।”

पिता ने भौंहें चढ़ाईं।

“किस तरह का इंसान?”

सारा ने पानी का घूँट लिया, जैसे गला सूख गया हो।

“वो… कुछ खा रहा था।
सड़ा हुआ मांस।
बदबू इतनी तेज़ थी कि साँस लेना मुश्किल हो रहा था।”

कमरे में अजीब-सी खामोशी फैल गई।

“और फिर उसने मेरी तरफ देखा…”

उसकी आवाज़ टूट गई।

“उसकी आँखों की जगह…
मुँह थे।
दोनों आँखों में मुँह।
और एक तीसरा मुँह—बीच में।
नुकीले दाँत…
हाथों में झिल्लियाँ…
और नाखून… किसी शेर जैसे।”

पिता ने ज़ोर से प्लेट मेज़ पर रख दी।

“बस करो।
हर समय बकवास।”

माँ ने बात टालते हुए कहा—

“मैं किसी को भेज दूँगी देखने के लिए।”

दादी-बाबा ने बात सुनी…
और अनसुनी कर दी।

छोटा भाई हँसने लगा।

“दीदी ने फिर हॉरर मूवी ज़्यादा देख ली।”

सारा चुपचाप उठी, बैग लिया और कॉलेज चली गई।
उसे नहीं पता था—
यह उसका आख़िरी दिन होगा।


अध्याय 2 : छत से निकलती हुई औरत
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रात।

कमरा ठंडा था।
असामान्य रूप से ठंडा।

सारा ने कंबल ओढ़ा।
तभी उसे लगा—
कोई है।

कमरा देखा।
कुछ नहीं।

वह लेट गई।

ठक… ठक…

छत से आवाज़ आई।

उसकी आँख खुली।

और तभी—
छत फट गई।

छत के अंदर से एक चेहरा बाहर निकला—
औरत जैसा…
लेकिन शरीर पूरा नंगा, मांसल, और विकृत।

जैसा जिस देखकर में बहुत डर गई में भागना चाहती थी पर फिर भी भाग ना पाई 

जैसे कि किसी ने मुझे पकड़ लिया हो 

Mother Merry।

उसके दाँत इतने नुकीले थे कि रोशनी में चमक रहे थे।
उसकी आँखों में कोई पुतली नहीं—
सिर्फ़ अँधेरा।

सारा चीख़ी।

लेकिन आवाज़…
घर तक पहुँची ही नहीं।

मैं जोर जोर से चिल्ला रही थी पर किसी ने भी मेरी आवाज नहीं सुनी।

मुझे पता नहीं में कहा हु मर गई हुई या जिंदा हूं क्या ये एक सपना है या कुछ ओर।


अध्याय 3 : खून से भरा बिस्तर

सुबह।

सारा की मां ने जब उसे आवाज लगाई।

बेटी सारा अब तो उठ जाओ क्या तुम्हे अपने collage नहीं जाना क्या।

रात भर क्या करती रहती हो जो सुबह जल्दी उठ भी नहीं पाती।

जब सारा ने जवाब नहीं दिया,
माँ कमरे में गई।

और चीख पड़ी।

बिस्तर पर—
सिर्फ़ खून।

इतना खून कि चादर गद्दे से चिपक गई थी।

शरीर नहीं था। सारा के बाबा ने पुलिस को फोन लगाया और कहा।

मेरी पोती कही गायब हो गई है उसका कुछ भी आता पता नहीं है जल्दी से इस जगह पर आ जाओ।

रोते हुए ये शब्द सारा के बाबा ने पुलिस को कहा 

पुलिस आई।
घर के अंदर-बाहर तलाशी हुई।

बहुत देर छानबीन करने के बाद 

पीछे जंगल में मिला—

एक चिपचिपा तरल। देखने में ऐसा लग रहा था वो इस जगह का ना हो।

उस तरल को पुलिस वालो ने 

Lab भेजा दिया।


अध्याय 4 : दूसरा रोना

शाम।

घर में सन्नाटा था।

कोई खाना नहीं।
कोई बात नहीं। पूरे घर में सन्नाटा पसरा हुआ था। सब एक दूसरे की तरफ देख देख कर रो रहे थे 

तभी—

छोटे बच्चे की चीख।

की आवाज सुनाई दी 

माँ दौड़ी।

कमरे में—
Mother Merry खड़ी थी।

माँ चीख़ी।

Mother meery को देखकर देखने में वो बेहद डरावनी ओर गुस्सैल दिखाई दे रही थी।

तभी सारा की मां गहरी नींद में सो गई 

अगली सुबह—

बच्चा गायब।
बिस्तर फिर खून से भरा।


अध्याय 5 : Brother Teeth Face
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इस बार पुलिस को मिला—

एक नाखून

इंसानी नहीं।

और उसी रात—

जंगल से एक और आवाज़ आई।

रोने की।

लेकिन यह रोना…
Mother Merry का नहीं था।

यह था—

Brother Teeth Face

जिसकी आँखों की जगह मुँह हैं।
और जो रोते हुए शिकार बुलाता है।


अध्याय 6 : अधूरी सच्चाई

दादी ने पहली बार बोला—

“यह इच्छा का श्राप है।
किसी ने कुछ माँगा था।”

लेकिन किसने?


अगले भाग में हम जानेंगे।

  • अगला शिकार कौन होगा?

  • क्या Wezli परिवार का कोई सदस्य ज़िंदा बचेगा?

  • Mother Merry असल में क्या है—देवी, दानव, या इच्छा की सज़ा?

  • Brother Teeth Face क्यों रोता है?

  • और सबसे बड़ा सवाल—
    पहली इच्छा किसने माँगी थी?




शरीर मरता है लेकिन आत्माएं नहीं 

THE FIRST WISH

(300 साल पुरानी शुरुआत)

“कुछ इच्छाएँ पूरी नहीं होतीं।
वे जन्म लेती हैं।”


अध्याय 1 : नमक और हड्डियों का गाँव (1725 ई.)

स्थान: वर्तमान जॉर्डन का वही क्षेत्र
पुराना नाम: Al-Qasr Al-Abyad (सफेद किले का गाँव)

तीन सौ साल पहले यह ज़मीन वीरान नहीं थी।
यहाँ एक छोटा-सा गाँव था—मिट्टी के घर, पत्थर की दीवारें और बीच में एक कुआँ।

उस कुएँ के बारे में कहा जाता था—

“जो इसमें अपनी इच्छा फुसफुसाता है,
वह कुछ न कुछ खोकर ही लौटता है।”

गाँव वाले कुएँ से डरते थे।
लेकिन भूख डर से बड़ी होती है।


अध्याय 2 : मरियम — वह औरत जिसने भगवान से सवाल किया

उसका नाम था मरियम बिन्त याक़ूब

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एक साधारण औरत—
जिसका पति अकाल में मर गया,
और बच्चा जन्म लेते ही।

गाँव में औरतें उससे दूरी बनाकर रखती थीं।

कहती थीं—

“जिस औरत के पेट से बच्चा नहीं बचा,
उसके दिल में अंधेरा बस जाता है।”

मरियम ने सात दिन तक कुछ नहीं खाया।
सातवीं रात वह कुएँ पर गई।

हाथ में—
अपने मरे हुए बच्चे की हड्डी

उसने कुएँ में झाँककर कहा—

“अगर तू सच में कुछ दे सकता है…
तो मुझे माँ बना दे
चाहे बदले में मुझे कुछ भी बना दे।”

हवा रुक गई।

पानी हिला।

और कुएँ से एक औरत बाहर आई।


अध्याय 3 : पहली बार आई — Mother Merry

उसका चेहरा सुंदर था।
आवाज़ कोमल।

उसने कहा—

“माँ बनना चाहती हो?”

मरियम रो पड़ी।

“हाँ…”

Mother Merry ने मुस्कुराकर कहा—

“तो फिर…
तुम्हें हर उस माँ को मुझ तक लाना होगा
जो अपनी औलाद के लिए रोती है।”

मरियम ने हामी भर दी।

और उसी रात—
उसके पेट में कुछ हिलने लगा


अध्याय 4 : जन्म जो जन्म नहीं था

नौ महीने बाद—

मरियम ने बच्चे को जन्म दिया।

लेकिन बच्चा रोया नहीं।

उसकी आँखें…
मुँह थीं।

तीन।

गाँव में चीखें गूँज उठीं।

बुज़ुर्गों ने कहा—

“यह बच्चा नहीं।
यह Brother Teeth Face है।”

मरियम ने उसे सीने से लगाया।

“यह मेरा बेटा है!”

लेकिन बेटा रात में रोता था—
और जिस घर के पास वह रोता,
सुबह वहाँ लाश मिलती।


अध्याय 5 : भूख जो कभी नहीं मिटती

Mother Merry फिर आई।

अब उसका शरीर बदल चुका था—
नंगा, विकृत, हड्डियों और माँस का अजीब संगम।

उसने मरियम से कहा—

“तेरी इच्छा पूरी हुई।
अब मेरी भूख भी पूरी कर।”

मरियम ने पहली बार इंसान का मांस खिलाया।

उस दिन—

Mother Merry के दाँत पहली बार
हड्डी चीर पाए।


अध्याय 6 : पहला नरसंहार

गाँव में महामारी फैली।
लोग मरने लगे।

जो डर गया—
वही पहले मरा।

Brother Teeth Face रोता,
और Mother Merry आती।

तीसरी रात तक—

पूरा गाँव साफ़ हो गया।


अध्याय 7 : सज़ा
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मरियम आख़िरी बची।

उसने रोते हुए कहा—

“मैंने माँ बनने की इच्छा माँगी थी…
राक्षस बनने की नहीं!”

Mother Merry ने उसका चेहरा पकड़ा।

“तूने माँ बनने की इच्छा माँगी थी।
मैंने तुझे हम सबकी माँ बना दिया।”

मरियम की खाल उतरने लगी।

उसका शरीर बदल गया।

और वह बन गई—

पहली Mother Merry।


अध्याय 8 : श्राप की शर्त

मरियम—अब Mother Merry—ने अंतिम नियम बनाया:

  1. जो रात में दिल से इच्छा माँगेगा, मैं आऊँगी

  2. जो मुझे देखकर डरेगा, वह मरेगा

  3. जो Brother के रोने का पीछा करेगा, उसका अंत बेरहमी से होगा

  4. यह श्राप घर नहीं, खून की नस्ल से चिपकेगा


अध्याय 9 : Wezli नाम का जन्म

गाँव से भागा एक बच्चा—
मरियम का दूर का रिश्तेदार।

नाम रखा गया—Wezli

उसने कसम खाई—

“मैं इस कहानी को दफ़न कर दूँगा।”

लेकिन कहानी
खुद दफ़न होने नहीं देती।


अंतिम पंक्तियाँ (Book Two Ending)

तीन सौ साल बाद—

उसी ज़मीन पर
उसी खून की नस्ल में—

एक लड़की ने कहा था—

“मुझे रात में रोने की आवाज़ आई…”


अगली किताब का संकेत

BOOK THREE: The House That Breathes
जहाँ घर ज़िंदा है,
दीवारें याद रखती हैं,
और Mother Merry
अब पूरी तरह जाग चुकी है।



🎆🕯️ **Happy New Year… या वह रात जब साल सच में बदलता नहीं** 🕯️🎆


नमस्कार दोस्तों,


इस नए साल पर मैं सिर्फ जश्न नहीं मना रहा…

मैं उन सभी आत्माओं का शुक्रिया अदा कर रहा हूँ

जिन्होंने मेरी ज़िंदगी के सबसे अँधेरे साल में भी

**उम्मीद की लौ बुझने नहीं दी।**


क्योंकि सच यह है—

हर नया साल रोशनी नहीं लाता,

कुछ साल **हमें अँधेरों से परिचित कराते हैं।**


⏳ **समय आगे बढ़ता दिखता है,**

लेकिन कुछ यादें, कुछ हालात

31:59 पर ही अटके रह जाते हैं।


और वहीं…

कृतज्ञता ही वह एकमात्र शक्ति है

जो डर, खालीपन और सन्नाटे को

पूरी तरह निगलने नहीं देती।

🩸 **अगर आप इस सफ़र में मेरा साथ देना चाहें…**


(जहाँ हर कहानी समय से लड़ती है)


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*(कहानी को आगे बढ़ाने के लिए)*


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आपकी छोटी-सी मदद मेरे लिए

नए साल की कोई आम खुशी नहीं—

बल्कि उस रात में जलाई गई

**एक ऐसी मोमबत्ती है

जो डर के बीच भी जलती रहती है।**


इस नए साल में मेरी यही दुआ है—

आपकी घड़ियाँ कभी 31:59 पर न रुकें,

और अगर रुक भी जाएँ…

तो आपके पास कोई ऐसा हो

जो अँधेरे में आपका नाम पुकार सके।


🕯️✨ **Stay Safe. Stay Aware.

Happy New Year… अगर समय इजाज़त दे।** ✨🕯️


— **Reax Accer**


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