श्रापित गुड़िया: एक सत्य घटना पर आधारित कहानी : ...

 यह कहानी अमेरिका के फ्लोरिडा में रहने वाले रॉबर्ट ने एक लड़के और उसकी गुड़िया को बुलाया। यह कोई साधारण गुड़िया नहीं थी—यह शापित थी। आज भी यह गुड़िया एक म्यूज़ियम में बनी हुई है, और इसके आसपास कई रहस्यमयी घटनाएँ घटी हैं।



गुड़िया का आगमन

1906 में, रॉबर्ट के नौकरानी ने उन्हें एक विशेष गुड़िया उपहार दिया। कहा जाता है कि नौकरानी जादू टोना का शिकार था और उसने गुड़िया में कुछ बुरी शक्तियां समाहित कर दी थीं। रॉबर्ट को यह गुड़िया बहुत पसंद थी और उसका नाम "रॉबर्ट द डॉल" रखा गया था



अजीबो-गरीब दास्तानों की शुरुआत

धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-दारा-दारा-धीर-दारा-दारा-धीर घर में होने वाली घटनाएँ घट रही हैं - रात में किसी के हँसने की आवाज़ें आतिन, फर्नीचर खुद-ब-खुद खिसकने लगे, और रॉबर्ट के माता-पिता ने उसे गुड़िया से बातें करने को कहा। कभी-कभी गु

आतंक का विस्तार

  • नौकरों ने बताया कि वे गुड़िया को अपने पास रखें
  • रॉबर्ट के माता-पिता को कई बार लगा कि गुड़िया उनके साथ घूम रही हैं।
  • रात में रॉबर्ट स्क्रीमेट हो गया और उसने कहा कि गुड़िया गुड़िया से मिलने की कोशिश कर रही है।


परिवार का निर्णय

डर के कारण रॉबर्ट के माता-पिता ने गुड़िया को अटारी (छत के ऊपर के कमरे) में बंद कर दिया। लेकिन इससे घटनाएँ और बढ़ गईं—कमरे से अजीब आवाज़ें आतीं, दरवाज़ा अपने आप खुलते-बंद होते, और घर का

रॉबर्ट की मौत और गुड़िया का नया शिकार

बड़े होने पर रॉबर्ट ने गुड़िया को फिर से अपने पास रख लिया, लेकिन कुछ ही समय बाद उसकी मृत्यु हो गई। बाद में जो भी यह गुड़िया अपने घर ले गई, उसे बहुत बुरा लगा 



म्यूज़ियम में रचित श्रापित गुड़िया

अब यह गुड़िया "की वेस्ट म्यूज़ियम" रिलीज़ हुई है। कहा जाता है कि अगर कोई इसे बिना सूट के तस्वीर खींचे तो उसके साथ बुरा होता है। यहां काम करने वाले कर्मचारियों ने आज भी देखे कई रहस्यमयी घटना अपनी आंखों से देखी है आज भी उस गुड़िया के पास कोई नहीं जाता लेकिन कहा जाता है न जब कोई भूत प्रेत जैसी बातों पर यकीन नहीं करता उस गुड़िया के पास जाकर फोटो खींचने लगते हैं या फिर ऐसी हरकत करते हैं जिन्हें ये गुड़िया अपने बस में कर लेती हैं जबतक ये जान पाते है इनके बारे में तब तक बहुत देर हो चुकी होती है,





टिप्पणियाँ